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बुलेट ट्रेन से भी तेज पकड़ता है वंदे भारत, 4-5 घंटे में तय करेगा दिल्ली-पटना का फासला

 रेलवे बोर्ड के अधिकारियों का दावा है कि बुलेट ट्रेन जहां शून्य से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने में 55.4 सेकेंड का समय लेती है, वहीं वंदे भारत यह रफ्तार महज 54 सेकेंड में हासिल कर लेती है.

स्वदेशी तकनीक से विकसित भारतीय रेलवे की सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन शून्य से सौ किलोमीटर की रफ्तार तक पहुंचने में विदेशी बुलेट ट्रेन से भी तेज है। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों का दावा है कि बुलेट ट्रेन जहां शून्य से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने में 55.4 सेकेंड का समय लेती है, वहीं वंदे भारत यह रफ्तार महज 54 सेकेंड में हासिल कर लेती है.

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वंदे भारत काफी अपग्रेड है। इसलिए इसकी स्पीड बेहतर होती है। यह किसी इंजन से नहीं बल्कि ऑटोमैटिक मोटर्स की मदद से चलती है। 16 डिब्बों वाली इस ट्रेन के पांच डिब्बों में मोटर लगाई गई है। ऑटोमेटिक मोटर्स की मदद से एक्सीलरेटेड स्पीड ज्यादा होती है। वंदे भारत की पूरी ट्रेन में लगे 20 मोटर बुलेट ट्रेन के आगे लगे एक इंजन पर ज्यादा असरदार होते हैं.

वर्तमान में वंदे भारत ट्रेन की गति 160 किमी प्रति घंटा है। नया वर्जन 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से होगा। जबकि अपग्रेडेड वर्जन 2025 तक चरणबद्ध तरीके से 260 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगा। इससे दिल्ली से पटना की दूरी महज 4-5 घंटे में तय हो जाएगी। फिलहाल राजधानी एक्सप्रेस में 12 घंटे से ज्यादा का समय लगता है।

देशभर में चलेंगी 400 सेमी हाई स्पीड ट्रेनें

रेलवे बोर्ड देशभर में 400 सेंटीमीटर हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए जापान, फ्रांस, चीन, जर्मनी आदि देशों की तर्ज पर उच्च क्षमता वाली बिजली लाइनें (2x25) बिछाई जा रही हैं।

राजधानी में 1.5 मिनट लगते हैं

राजधानी, शताब्दी, दुरंतो भी एक इंजन से चलती है। ऐसे में इन ट्रेनों को जीरो से 100 किमी की रफ्तार तक पहुंचने में 1.5 मिनट का समय लगता है. हालांकि कुछ ट्रेनों में रेलवे ने आगे और पीछे इंजन लगाकर पिकअप बढ़ा दी है।

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